पंख टूटे हैं तो क्या......
पंख टूटे हैं तो क्या ,
इरादा मेरा मजबूत है ,
मुझे परख नहीं तो क्या ,
मन मेरा अभिभूत है ,
हूँ पड़ी नीड़ में तो क्या ,
गगन छू नहीं सकती झूठ है,
रूठे जग सारा तो क्या ,
ताने मारने की उनको छूट है ,
चोटिल दिल मेरा तो क्या ,
बाँधी खुदा से प्यार की सूत है ,
आँख से ओझल मंज़िल तो क्या ,
पाउंगी लक्ष्य मेरा निश्चय अटूट है ....

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